सि‍नेमा

जानिए कौन हैं रानी 'पद्मावती', जिनकी वजह से भंसाली को पड़ा चांटा

By haribhoomi.com | Jan 28, 2017 |
queen
नई दिल्ली. फिल्मकार संजय लीला भंसाली ने शुक्रवार को जयपुर में पद्मावती के सेट पर करणी सेना के कार्यकर्ताओं द्वारा की गई तोड़ फोड़ और धक्का-मुक्की से नाराज़ होकर शूटिंग रद्द कर दी है। करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया हैं कि भंसाली मेवाड़ की महारानी  पद्मावती पर बनने वाली फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों को गलत तरह से पेश कर रहे थे। इस घटना के बाद राजनीति काफी गरमा गई है। आईए जानते हैं कौन थी महारानी 'पद्मिनी' पद्मावती|
 
पहली बार हुआ था जौहर 
राजस्थान का इतिहास महारानी पद्मावती की शौर्य गाथाओं से भरा पढ़ा है। अपनी आबरू बचाने के लिए इतिहास में पहली बार पद्मावती ने सैकड़ो महिलाओं के साथ जौहर किया। पद्मावती राजा गंधर्व सेन और रानी चंपावती की बेटी थी। पद्मावती का विवाह, चित्तौड़ के राजा रतन सिंह से हुआ था। बहादुर होने के साथ - साथ पद्मावती बेहद खूबसूरत भी थी। 
 
 
खिलजी 'पद्मावती' के लिए राजा रतन सिंह को लिखा खत
इतिहास के पन्नो में दर्ज हैं कि दिल्ली के सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी, रानी की खूबसूरती पर मोहित था। एक चर्चित कहानी के अनुसार खिलजी ने रानी पद्मावती कि खूबसूरत होकर  राजा रतन सिंह को एक सन्देश भेज कि वो पद्मावती अपनी बहन मानता हैं और उससे मिलना चाहता हैं। सुल्तान की बात सुनकर रतन सिंह ने उसके रोष से बचने और अपना राज्य बचाने के लिए उसकी बात से सहमत हो गया। रानी पदमिनी अलाउदीन को कांच में अपना चेहरा दिखाने के लिए राजी हो गई। आईने में रानी पद्मावती को देखकर  वो उसी दिन से उन पर अभिभूत हो गया था। पद्मावती के लिए खिलजी ने चित्तौड़ पर हमला कर दिया। अलाउद्दीन खिलजी ने रानी पद्मावती के पति राजा रतन सिंह को बंधक बना लिया और पद्मावती की मांग करने लगा।
 
बचपन में तोते से बातें करती थी पद्मावती
महारानी पद्मावती के पास बचपन में “हीरामणी ” नाम का तोता हुआ करता था| “हीरामणी” एक बोलने वाला तोता था| पद्मावती अपना ज्यादातर समय उसी के साथ बिताती थी| रानी पदमिनी बचपन से ही बहुत सुंदर थी और बड़ी होने पर उसके पिता ने उसका स्वयंवर आयोजित किया। इस स्वयंवर में उसने सभी हिन्दू राजाओ और राजपूतो को बुलाया।
 
 
पद्मावती रतनसिंह की दूसरी पत्नी थी 
पद्मावती जब युवा हुई तो उनके पिता राजा गंधर्व सेन ने उनके विवाह के लिए स्वयंबर का आयोजन किया| इस स्वयंबर में कई राजाओं और राजपूतों को निमंत्रण भेज गया। राजा मलखान सिंह के साथ राजा रावल रतन सिंह भी पहले से ही अपनी एक पत्नी नागमती होने के बावजूद स्वयंवर में गया था। प्राचीन समय में राजा एक से अधिक विवाह करते थे ताकि वंश को अधिक उत्तराधिकारी मिले सके| राजा रावल रतन सिंह ने मलखान सिंह को स्वयंमर में हराकर पदमिनी पद्मावती से विवाह कर लिया और विवाह के बाद वो अपनी दुसरी पत्नी पदमिनी के साथ वापस चित्तोड़ लौट आया था|
 
गोरा और बादल पहुंचे रतनसिंह को बचने 
चौहान और राजपूत सेनापति गोरा और बादल ने खिलजी को हराने के लिए एक रणनीति के तहत संदेश भिजवाया कि अगली सुबह पद्मावती उसके हवाले कर दी जाएगी। इसके लिए अगली सुबह 150 पालकियां खिलजी के शिविर की ओर भेजी गई। पालकियों को वहीं रोक दिया गया जहां रतन सिंह बंदी बनाए गए थे। उन पालकियों से सशस्त्र सैनिक निकले और रतन सिंह को छुड़ा कर ले गए। इससे बौखलाकर खिलजी ने अपनी सेना को चितौड़ पर चढ़ाई करने का आदेश दिया। खिलजी के सैनिकों की घेराबंदी इतनी कड़ी थी कि राजमहल में राशन और खाद्य सामग्री ले जाना भी मुश्किल हो गया था। लेकिन वो किले में प्रवेश ना कर पाया। आखिरकार हार मान कर रतन सिंह ने द्वार खोलने का आदेश और खिलजी से लड़ते हुए मारे गए। 
 
 
लोकगीतों में दर्ज है 'पद्मावती' की गाथा
जिसके बाद चित्तौड़ की महिलाओं के साथ अपनी आन-बान को बचाने के लिए रानी पद्मावती ने आग में कूद कर आत्मादाह कर लिया। बतातें हैं कि रानी पद्मावती के बाद चित्तौड़ की औरतें इसी आग में कूद गई थी। महिलाओं कि मौत के बाद चित्तोड़ के सभी पुरुषो ने साका प्रदर्शन करने का प्रण लिया प्रत्येक सैनिक केसरी वस्त्र और पगड़ी पहनकर दुश्मन सेना से तब तक लड़ते रहे जब तक कि वो सभी खत्म नही हो गये। खिलजी की विजयी सेना ने जब किले में प्रवेश किया तो उनका राख और जली हुई हड्डियों के साथ सामना हुआ। उन महिलाओं के जोहर का बखान आज भी राजस्थान के लोकगीतों में होता हैं।
 
 
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-
  • Post a comment
  • Name *
  • Email address *

  • Comments *
  • Security Code *
  • YJKEQ
  •       
    कमेंट्स कैसे लिखें !
    जिन पाठकों को हिन्दी में टाइप करना आता है, वे युनीकोड मंगल फोंट एक्टिव कर हिन्दी में सीधे टाइप कर सकते हैं। जिन्हें हिन्दी में टाइप करना नहीं आता वे Roman Hindi यानी कीबोर्ड के अंग्रेजी अक्षरों की मदद से भी हिन्दी में टाइप कर सकते हैं। उदाहरण के लिए यदि आप लिखना चाहें- “भारत डिफेंस कवच एक उपयोगी पोर्टल है’, तो अंग्रेजी कीबोर्ड से टाइप करें, bharat defence kavach ek upyogi portal hai. हर शब्द के बाद स्पेस बार दबाएंगे तो अंग्रेजी का अक्षर हिन्दी में टाइप होता चला जाएगा। यदि आप अंग्रेजी में अपने विचार टाइप करना चाहें तो वह विकल्प भी है।
    Haribhoomi
    Haribhoomi on Social Media
    कपिल ने की मारपीट तो सुनील के साथ चंदू और नानी ने भी छोड़ा शो

    कपिल ने की मारपीट तो सुनील के साथ चंदू ...

    इस विवाद का सीधा असर द कपिल शर्मा शो पर पड़ रहा है।

    कमल हासन ने धार्मिक ग्रंथ महाभारत पर की अभद्र टिप्पणी, हिंदू संगठन ने खोला मोर्चा

    कमल हासन ने धार्मिक ग्रंथ महाभारत पर की ...

    कमल हासन ने महाभारत को महिलाओं का अपमान वाला ग्रंथ बताया है।

    मीडिया पर भड़की आलिया भट्ट की बहन शाहीन, सुनाई खरी-खोटी

    मीडिया पर भड़की आलिया भट्ट की बहन ...

    शाहीन ने लिखा कि मीडिया वाले किसी के दु:ख को कैसे एक पार्टी बना सकते हैं।